आजादी में जीवन मैंना तुग्गा पिंजरे में हो बंद दुखी हो जाती सुख सुविधा...कविता-
बिहार से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
आजादी में जीवन मैंना तुग्गा
पिंजरे में हो बंद दुखी हो जाती सुख सुविधा
मन का आहम वजन फिर भी चहक ना पाती
चिड़िया घर में कैद शेर रहा दम दहाड़ गुर रहा
ID(182278)RM
Posted on: Dec 04, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
का बर्षा जब कृषि सुकाने समय चोक पुनका पसताने...कविता-
जिला-बाँदा,राज्य-उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
का बर्षा जब कृषि सुकाने समय चोक पुनका पसताने-
पर उपदेश कुशल भौं तेरे जय असर में नर नग मेरे-
का दर मन कहू एक धारा दयों दयों आलसी पुकारा-
इति हनी इतिपशु पसती में जाना मानस तनु गुन ज्ञानी में धाना...
ID(182292)RM
Posted on: Dec 04, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
आया बादल आया बादल...कविता-
राज्य-बिहार,बागालपूर से गुड्डू कुमार कविता सुना रहें हैं:
आया बादल आया बादल
उमड़ गुमड कर आसमान में
वह देखो मंगया बादल
देखो देखो भालू काला
हांथी मोटा दांतों वाला
कितने रूप बानाया बादल
आया बादल आया बादल ID(182279)RM
Posted on: Dec 04, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
विमल इन्दु की विशाल किरणें...कविता-
उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल एक कविता सुना रहें है:
विमल इन्दु की विशाल किरणें-
प्रकाश तेरा बता रही हैं-
अनादि तेरी अन्नत माया-
जगत् को लीला दिखा रही हैं-
प्रसार तेरी दया का कितना-
ये देखना हो तो देखे सागर-
तेरी प्रशंसा का राग प्यारे-
तरंगमालाएँ गा रही हैं...(182235) GT
Posted on: Dec 03, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
धुरी भरे अति सोभे तीसो समय बीते...कविता-
उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र एक कविता सुना रहें है:
धुरी भरे अति सोभे तीसो समय बीते-
समय जुते सु बने सी सुन्दर चोटी-
खेलत खाते फिर अंगना पजनी बाजथे-
वहा चो बी कोरस खाने भी लोकथे-
भारत ते कम काला निजी कोटि-
धुरी भरे अति सोभे तीसो समय बीते...(182174) GT
