का बर्षा जब कृषि सुकाने समय चोक पुनका पसताने...कविता-
जिला-बाँदा,राज्य-उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
का बर्षा जब कृषि सुकाने समय चोक पुनका पसताने-
पर उपदेश कुशल भौं तेरे जय असर में नर नग मेरे-
का दर मन कहू एक धारा दयों दयों आलसी पुकारा-
इति हनी इतिपशु पसती में जाना मानस तनु गुन ज्ञानी में धाना...
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