भईया बटोगे तो कटोगे, वोट न दोगे तो कटोगे..कविता
नमस्कार साथियों, मैं कानपुर से के एम भाई बोल रहा हूँ। अभी उत्तरप्रदेश में कुछ जगहों पर उपचुनाव होने वाले हैं जिस पर यहाँ के मुख्यमंत्री ने एक नारा दिया है बँटोगे तो कटोगे, इस नारे पर एक कविता:
बुलडोजर वाले बाबा,
का चुनाव वाला वादा,
भईया बटोगे तो कटोगे,
वोट न दोगे तो कटोगे,
रोटी न मिलेगा,
न दवा मिलेगा,
न्याय मांगोगे,
तो जेल में सड़ोगे,
वोट न दोगे तो कटोगे ..
भईया बटोगे तो कटोगे ..
हर गली हर चौराहे,
पर कौड़ियों में बिकोगे,
रात हो या दिन,
यूं ही सरेआम तड़पोगे,
वोट न दोगे तो कटोगे ..
भईया बटोगे तो कटोगे ..
के एम भाई
Posted on: Nov 02, 2024. Tags: KM Bhai Poem
" वे डरते हैं ": कविता
” वे डरते हैं ”
वे छात्रों से नहीं डरते,
वे बेरोजगारों से नहीं डरते,
वे मजदूरों से नहीं डरते,
वे किसानों से नहीं डरते,
वे आदिवासियों से नहीं डरते,
वे जनता से भी नहीं डरते,
जिनके कंधे पर सवार रहते हैं,
जिनको लूट कर खाते हैं,
क्योंकि उनको दबाने,
पुलिस फौज जो बनाकर रखे हैं,
वे डरते हैं कवियों से लेखकों से,
वे डरते हैं सांस्कृतिक कर्मियों से कार्टूनिस्टों से,
वे डरते हैं सोशल मिडिया के पत्रकारों से,
वे डरते हैं अपंग साईं बाबा जैसे विचारवानों से,
वे डरते हैं बराबर राव जैसे विचारवानों से,
वे डरते हैं सुधा भारद्वाज के जैसे,
अनेकों विचारवान महिला पुरूषों से,
कहीं ये विचारवान लोग,
हमारे लूट रूपी राज सत्ता को नेस्तनाबूद कर,
अमीरी गरीबी खत्म कर,
समतामूलक राज न बना दे ।
” मजदूर ”
Posted on: Oct 29, 2024. Tags: Bhagirathi Verma Poem
धीरे-धीरे धान कर कटाई...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
धीरे-धीरे धान कर कटाई-
धान कर डाली भीगे-
किसान मुरझाई-
धीरे धीरे पानी कर अवाई...
Posted on: Nov 29, 2023. Tags: CG KAILAS POYA POEM SURAJPUR
कविता : हिन्दू राष्ट्र
रायपुर, छत्तीसगढ़ से भागीरथी वर्मा एक कविता सुना रहे हैं:
हमारा देश एक लौता हिन्दू राष्ट्र है-
जहाँ मिट्टी की औरत को श्रृंगार कर-
देवी माँ कहकर पुकारा जाता है-
मिट्टी की दुर्गा माँ की पूजा होती है...
Posted on: Aug 13, 2023. Tags: BHAGIRATHI VARMA CG POEM RAIPUR
इधर भी तुम उधर भी तुम...कविता-
कानपुर उत्तर प्रदेश से के एम भाई एक कविता सुना रहे हैं:
इधर भी तुम उधर भी तुम-
हर तरफ तुम ही तुम-
मंदिर में भी तुम-
मस्जिद में भी तुम-
हनुमान भी तुम्हारे राम भी तुम्हारे-
अब रहमो रहीम भी तुम्हारे...
