विमल इन्दु की विशाल किरणें...कविता-
उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल एक कविता सुना रहें है:
विमल इन्दु की विशाल किरणें-
प्रकाश तेरा बता रही हैं-
अनादि तेरी अन्नत माया-
जगत् को लीला दिखा रही हैं-
प्रसार तेरी दया का कितना-
ये देखना हो तो देखे सागर-
तेरी प्रशंसा का राग प्यारे-
तरंगमालाएँ गा रही हैं...(182235) GT
