आई मन भाई हरियाली चिड़िया...कविता-
ग्राम-मवाही,जिला-बाँदा,राज्य-उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहे है:
आई मन भाई हरियाली चिड़िया
चहकी चटकी कलिया धरती पर
इसकी रंग रंली नोक शिलो से पुटी लाली
आई मन भाई हरियाली
मै मलेय समीर निराला
सर सर मर मर सर मर..(182449)GM
Posted on: Dec 07, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
रोते-रोते हसना सीखो हस्ते-हस्ते रोना...कविता-
जिला-महाराजगंज उत्तरप्रदेश से भीम सिंह एक कविता सुना रहें है:
रोते-रोते हसना सीखो हस्ते-हस्ते रोना-
जितना चाहे उतना भीरी भाल मिले-
बस पुत्र चाहे खेलाओ ना रोते-रोते-
हम दोनों एक हमरी प्यारी प्यारी मुन्ना है-
बस येही छोटी सी अपनी सारी दुनिया है-
खुशिया से आजाद है अपने घर के कोना-कोना-
रोते-रोते हसना सीखो हस्ते-हस्ते रोना...(182405) GT
Posted on: Dec 07, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
राम नाम के हीरे मोती सब बिखरा है गली गली...कविता-
जिला-पूर्णिया बिहार से भक्त प्रहलाद एक कविता सुना रहें है:
राम नाम के हीरे मोती सब बिखरा है गली गली-
लेलो रे कोई राम का प्यारा सोर मचावो गली गली-
लेलो रे कोई श्याम के प्यारा सोर मचावो गली गली-
बोलो राम बोलो राम बोलो श्याम बोलो श्याम-
माया के दीवाने सुन लो एक दिन येसा आएगा-
सन दोल माल खजाना बेकरार हो जाएगा-
राम नाम के हीरे मोती सब बिखरा है गली गली...(182435) GT
Posted on: Dec 07, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कितना प्रमाणिक था उसका दुःख-
ग्राम-सुरनार, तहसील-कटेकल्याण, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मंडावी एक गीत सुना रहे हैं:
कितना प्रमाणिक था उसका दुःख-
लड़की को दान में देते वक्त-
जैसा वहां उसकी अंतिम पूंजी हो-
अभी सयानी नहीं थी-
अभी भी भोली सरल थी...(AR)
Posted on: Dec 07, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...कविता-
ग्राम पंचायत-चिमरी पारा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सनोती कवाडे साथ में प्रमिला, रुपन्ती नाग कविता सुना रहें है:
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के-
धर्म अलग हो जाती अलग हो-
वर्ग अलग हो भाषा एक-
पर्वत, सागर, तट, वन मरुस्थल से हम आये-
फ़ौज वर्दी में हम सबसे पहले हिंदुस्तान के-
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...(182308) GT
