भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...कविता-

ग्राम पंचायत-चिमरी पारा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सनोती कवाडे साथ में प्रमिला, रुपन्ती नाग कविता सुना रहें है:
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के-
धर्म अलग हो जाती अलग हो-
वर्ग अलग हो भाषा एक-
पर्वत, सागर, तट, वन मरुस्थल से हम आये-
फ़ौज वर्दी में हम सबसे पहले हिंदुस्तान के-
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...(182308) GT

Posted on: Dec 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER