कितना प्रमाणिक था उसका दुःख-

ग्राम-सुरनार, तहसील-कटेकल्याण, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मंडावी एक गीत सुना रहे हैं:
कितना प्रमाणिक था उसका दुःख-
लड़की को दान में देते वक्त-
जैसा वहां उसकी अंतिम पूंजी हो-
अभी सयानी नहीं थी-
अभी भी भोली सरल थी...(AR)

Posted on: Dec 07, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER