आई मन भाई हरियाली चिड़िया...कविता-

ग्राम-मवाही,जिला-बाँदा,राज्य-उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहे है:
आई मन भाई हरियाली चिड़िया
चहकी चटकी कलिया धरती पर
इसकी रंग रंली नोक शिलो से पुटी लाली
आई मन भाई हरियाली
मै मलेय समीर निराला
सर सर मर मर सर मर..(182449)GM

Posted on: Dec 07, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER