आई मन भाई हरियाली चिड़िया...कविता-
ग्राम-मवाही,जिला-बाँदा,राज्य-उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहे है:
आई मन भाई हरियाली चिड़िया
चहकी चटकी कलिया धरती पर
इसकी रंग रंली नोक शिलो से पुटी लाली
आई मन भाई हरियाली
मै मलेय समीर निराला
सर सर मर मर सर मर..(182449)GM
