हमें ज्ञान दो हे भगवान...कविता-
जिला-रीवा,राज्य मध्यप्रदेश से रामजी साकेत कविता सुना रहें हैं:
हमें ज्ञान दो हे भगवान
दिन करें तुम्हारा घ्यान
कभी नही मन में अभिमान
हमसे हो सबका कल्याण
माता और पिता का मान रखे
ID(182360)RM
Posted on: Dec 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
खाये पिये सोये उताना नाक बाजे बसरी सामना...कविता-
ग्राम देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलास सिह पोया एक कविता सुना रहे है:
खाये पिये सोये उताना नाक बाजे बसरी सामना-
लेदर गोदर सोये मरजाद वाला रोये-
भर पेट खाथे नींद भर सुतथे तन भर कपडा पहनथे-
हमर आदमी मन ला बेठे के सल ना संग साथी के संग-
खाये पिये सोये उताना नाक बाजे बसरी सामना...(182355) GT
Posted on: Dec 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कोई ला के मुझे दे कुछ रंग भरे फुल...कविता-
जिला-बाँदा,राज्य-उतरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहे है:
कोई ला के मुझे दे
कुछ रंग भरे फुल
कुछ कट्टे मिटे फल
थोड़ी बांसुरी की धुन
थोडा जामुना का जल
कोई लाके मुझे दे
एक सोना झाड़ा दिन...ID(182362)RM
Posted on: Dec 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
आया बादल, आया बादल देखो-देखो बालू काला...कविता-
जिला-रुनिया, बिहार से खलेश कुमार एक कविता सुना रहें है:
आया बादल, आया बादल देखो-देखो बालू काला-
घुमड़-घुमड़ कर आसमान में देखो मंडराया बादल-
आया बादल, आया बादल देखो-देखो बालू काला-
हाथी मोटा दांतों वाला कितने रूप बनाया बादल...(182340) GT
Posted on: Dec 05, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
इस समाधि में छिपी हुयी हैं एक राक कि देरी...कविता-
ग्राम-मवाही,जिला-बाँदा,राज्य-उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
इस समाधि में छिपी हुयी हैं एक राक कि देरी
चल कर जिसने स्वतंत्रता कि दिव्य आरती फेरी
यह समाधि हैं लघु समाधि हैं झाँसी कि रानी कि
अंतिम लीला असली यही हैं लक्ष्मी मर्दानी कि
यहीं कहीं पर बिखर गयी हैं वह बदम विजय माला कि
उसके फूल यही संकित हैं यह स्मृति माला कि ID (182335)RM
