खाये पिये सोये उताना नाक बाजे बसरी सामना...कविता-

ग्राम देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलास सिह पोया एक कविता सुना रहे है:
खाये पिये सोये उताना नाक बाजे बसरी सामना-
लेदर गोदर सोये मरजाद वाला रोये-
भर पेट खाथे नींद भर सुतथे तन भर कपडा पहनथे-
हमर आदमी मन ला बेठे के सल ना संग साथी के संग-
खाये पिये सोये उताना नाक बाजे बसरी सामना...(182355) GT

Posted on: Dec 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER