मृत्यु का डर हर जगह होता है...कहानी-
एक गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति का निधन हो गया| लोग उसे जलाने ले गये| ये सब देखकर लोग गांव छोड़कर जाने लगे| एक बुजुर्ग ने पूछा| कहां जा रहे हो ? उन्होंने कहा जहां मौत का डर न हो| बुजुर्ग बोला मौत का डर सभी जगह होता है| लेकिन कोई नहीं माने और चले गये| रास्ते में एक गांव मिला| जहां कोई चहल पहल नहीं था| उन्होंने गांव के एक आदमी से पूछा| गांव इतना सुनसान क्यों है? आदमी ने बताया| गांव में एक नौजवान का मौत हो गया है| इसलिये ऐसा है| वे आगे बढ़ गये| उन्हें फिर एक गांव मिला| वहां भी एक बच्चे का निधन हुआ था| वे आगे चले| फिर एक शहर मिला| जहां लोग आपस में लड़ रहे थे| एक दूसरे की हत्या कर रहे थे| उन्होंने वहां के एक बुजुर्ग से पूछा| क्या हो रहा है ? उसने कहा एक धनी व्यक्ति का निधन हो गया है| सभी उसके धन को पाने के लिये आपस में लड़ रहे हैं| ये सब देखकर वे अभी वापस अपने गांव लौट गये|
Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
आज लोग गांव से शहर की तरफ पलायन करने को मजबूर हैं-
आज गांव छोते होते जा रहे हैं| बड़ा शहर और बड़ा होते जा रहा है| लोग नौकरी की तलास में शहर की तरफ भाग रहे हैं| गांव की भूमि पर उद्योगपति, पूंजीपति, दलाल, नेताओ की नजर है| इसमे सरकार भी उन्हें का साथ दे रही है| किसानो की जमीनों को कम दाम में ख़रीदा जा रहा है| या सरकार द्वारा भू-अर्जन कर छीना जा रहा है| फैक्ट्री या खनन के लिये| जब फैक्ट्री बनती है| तो उद्योगपति बहार से मजदूर लाते हैं| ताकि उसका काम अच्छे से हो सके| यदि कोई आवाज उठता है| तो उसे खरीद लिया जाता है| या उसकी आवाज दबा दी जाती है| आज जिसकी लाठी उसकी भैंस जैसी स्थिती है|
Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
मै एक किसान का बेटा हूँ, खेती करना मेरा काम...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मै एक किसान का बेटा हूँ, खेती करना मेरा काम-
खेती से ही बसा हुआ है, ये सारा जहान-
खेती से ही मिलता हमें जीने का सामान-
खेती मेरा माता पिता है, बहन भाई मेरा खलिहान-
नागर बैल ही मेरा सब कुछ है-
खेत हमारा सबका भगवान...
Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
एक भिखारी बड़ा लाचारी, नहीं उसके पास खास सामान...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक आरती सुना रहे हैं :
एक भिखारी बड़ा लाचारी, नहीं उसके पास खास सामान-
नित-नित मांगना नित खाना, बस वही उसका काम-
घर-घर जाना मांग कर लाना बस वही जानता काम-
जो भी मिल जाता उसको, उसी को समझाता अपना मुकाम-
घर-घर जाना ठोकर खाना, नसीब में लिखा भगवान-
नहीं खोजता मुक्ति के सिवा और कोई मान सम्मान...
Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हे माँ भारती सबसे ऊपर तेरा नाम, हम भारती तेरा करें गुणगान...आरती-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक आरती सुना रहे हैं :
हे माँ भारती सबसे ऊपर तेरा नाम-
हम भारती तेरा करें गुणगान-
सबसे पहले लूं तेरा ही नाम-
सुख समृद्धि की जननी है तू-
तेरा ही सब उपकार-
तू हरित क्रांति धारणी, सबकी पालन हार...
