एक भिखारी बड़ा लाचारी, नहीं उसके पास खास सामान...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक आरती सुना रहे हैं :
एक भिखारी बड़ा लाचारी, नहीं उसके पास खास सामान-
नित-नित मांगना नित खाना, बस वही उसका काम-
घर-घर जाना मांग कर लाना बस वही जानता काम-
जो भी मिल जाता उसको, उसी को समझाता अपना मुकाम-
घर-घर जाना ठोकर खाना, नसीब में लिखा भगवान-
नहीं खोजता मुक्ति के सिवा और कोई मान सम्मान...
