मोदी सरकार का नारा है, बच्चों से बाल श्रम करवाना है...कविता
कानपुर उतरप्रदेश से के एम भाई लघु उद्योग क़ानून में आये नए बदलाव में बाल श्रम को बढावा मिलता देख रहे है और उसे अपनी कविता के माध्यम से कह रहे है :
मोदी सरकार का नारा है-
बच्चों से बाल श्रम करवाना है-
कल कारखानों को बचाना है-
बच्चों को मजदूर बनाना है-
पूंजीवाद को बढाना है-
बच्चों का शोषण करवाना है-
मोदी सरकार का...
विदेशी निवेश को बढाना है-
बच्चों के बचपन को दबाना है-
सल्लू बाबा को बचाना है-
बच्चों को अपराधी बनाना है-
ओबामा को क ख ग पढ़ना है-
बच्चों को अनपढ़ बनाना है-
मोदी सरकार का...
Posted on: May 28, 2015. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
सुन ऐ मेरी मां, तेरे दर्द से जन्मी हूँ मैं...
उत्तरप्रदेश के कानपुर के मंडला क्षेत्र में एक 4 वर्षीय लड़की के साथ रेप करके उसकी हत्या कर दी गई, जांच चल रही है लेकिन आरोपी फरार है. इस घटना को कानपुर के.एम. भाई कुछ पंक्तियों में सूत्रबद्ध कर प्रस्तुत कर रहे हैं :
सुन ऐ मेरी मां ! तेरे दर्द से जन्मी हूँ मैं-
दर्द मुझकों भी होता है, पर तेरी कोख सा पहरा-
ये समाज नहीं दे पाता है-
मेरी सांसो से ज्यादा कीमती, मेरा जिस्म होता है-
तेरे घर का इन्सान, शैतान से ज्यादा वहसी होता है-
तेरी चौखट पर मेरे साथ बलात्कार होता है-
तेरा समाज ! मुस्कुरा के चला जाता है...
Posted on: May 22, 2015. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
सारी उम्मीदों पे मातम छाया...किसानों पर एक कविता
कानपुर, उत्तर प्रदेश से के.एम. भाई किसानों की बदहाली व सरकार के रवैये पर एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
सारी उम्मीदों पे मातम छाया !
आसमां में रौशनी छाई थी-
और जमीं पे ना जाने कितनी हरियाली-
शायद वो पूर्णिमा की रात थी-
चाँद की रौशनी ने जमीं पे एक सपना सजाया था-
भूखे किसानों को ख़ुशी के आगोश में सुलाया था-
ना जाने क्या-क्या उम्मीद जगी थी-
ढोल-नगाड़े संग पूड़ी की थाल सजी थी-
सहनाई भी बजेगी और बेटी की डोली भी उठेगी-
घर की चौखट पर खुशहाली की किरण दिखेगी-
हमारे घर भी दिवाली और होली मनेगी-
पर कुदरत ने ये कैसा कहर बरपाया-
सारी उम्मीदों पे मातम छाया...
Posted on: May 20, 2015. Tags: KM Bhai SONG VICTIMS REGISTER
तुम्हे मुबारक हो तुम्हारा मजदूर दिवस, हम तो आज भी मजदूरी किया करते हैं...
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम.भाई है मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में मजदूरों की स्थिति को बयां करती एक कविता प्रस्तुत कर रहे है:
तुम्हे मुबारक हो तुम्हारा मजदूर दिवस – हम तो आज भी सफ़र करते है – रोटी के अभाव में भूखे पेट सोया करते है – तन को ढकने की चिंता नहीं – मन को खुश करने की इच्छा नहीं – हम तो फटे हाल जिया करते है – तुम्हे मुबारक हो तुम्हारी रैलियां, तुम्हारे आन्दोलन – हम तो आज भी मजदूरी किया करते है – गरीबी के साये में मुस्कुराया करते है – मजदुर है, मजदूरी के गीत गाया करते है -
Posted on: May 01, 2015. Tags: KM Bhai SONG VICTIMS REGISTER
मंगल-मंगल-मंगल हो...मंगल पांडे की शहादत पर गीत
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम.भाई शहीद मंगल पांडे की शहादत दिवस के अवसर पर स्वरचित एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
मंगल-मंगल-मंगल हो-
जागा है ये शहर, जागी है ये रात-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
शहनाइयों के साथ निकली है वीरों की बारात-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
जुल्मों-सितम का ना होगा राज-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
झरने भी नाचेंगे, नाचेंगी नदियां आज-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
हर माँ का लाल होगा आज इन्कलाब-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
टूटेंगी हथकड़ियां और खिलेगा गुलाब-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
हर तरफ आज गूंजेगा यही शंखनाद-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
मंगल मंगल मंगल हो...
