तुम्हे मुबारक हो तुम्हारा मजदूर दिवस, हम तो आज भी मजदूरी किया करते हैं...
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम.भाई है मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में मजदूरों की स्थिति को बयां करती एक कविता प्रस्तुत कर रहे है:
तुम्हे मुबारक हो तुम्हारा मजदूर दिवस – हम तो आज भी सफ़र करते है – रोटी के अभाव में भूखे पेट सोया करते है – तन को ढकने की चिंता नहीं – मन को खुश करने की इच्छा नहीं – हम तो फटे हाल जिया करते है – तुम्हे मुबारक हो तुम्हारी रैलियां, तुम्हारे आन्दोलन – हम तो आज भी मजदूरी किया करते है – गरीबी के साये में मुस्कुराया करते है – मजदुर है, मजदूरी के गीत गाया करते है -
