नर हो ना निराश करो मन को...कविता-
जिला-विदिशा, राज्य-मध्यप्रदेश से अजय कुमार मांझी कविता सुना रहें हैं:
नर हो ना निराश करो मन को-
कुछ काम करो कुछ काम करो-
जग में रह कर कुछ नाम करो-
जो जन्म हुवा वो व्यार्थ ना हो-
जिस्म यह व्यार्थ ना हो-
नर हो ना निराश करो मन को...(ID(182254)
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: AJAY KUMAR MANJHI MP POEM VIDISHA
पशु की सुरक्षा के लिये पहल और गोबर उत्पाद को बढ़ावा...
विदिशा (मध्यप्रदेश) से बीपी पटेल बता रहे हैं, छत्तीसगढ़ में गोबर खरीदने का जो निर्णय लिया गया है, इससे वे पशु जो सड़को पर पड़े रहते हैं, उनकी व्यवस्था होगी, लोग उसे घर पर रखेंगे, भीड़ भाड़ वाले इलाको में पशुओ से लोगो को जो खतरा रहता है, उससे बचे रहेंगे, किसानो को इससे लाभ होगा, साधनों का उपयोग हो सकता है, गोबर से कई तरह उत्पाद बनाकर बेचे जा सकते हैं : संपर्क नंबर@9406576593. (AR)
