का बरसा जब किसी सुखानी...कविता-

सुरेन्द्र पाल ग्राम-मवई, जिला-बाँधा, उत्तरप्रदेश से एक कविता सुना रहें है:
का बरसा जब किसी सुखानी-
समय चुप पुनिका पछतानी-
पर उप देश कुशल बहुत तेरे-
आजा रे हित नघ नरु नई-
का दर मन कहो एक आधार-
दे दिउ आलसी पुकारा-
हित अनहित पशु पक्षी ना जाना...(182171) GT

Posted on: Dec 05, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

मुश्कुराते रहो गुनगुनाते रहों गम को छुपाते रहों...हिन्दी गजल-

ग्राम-कुमारता,जिला-रायगढ़-राज्य-छत्तीसगढ़ से महेश कुमार सिधार हिन्दी गजल
सुना रहें हैं:
मुश्कुराते रहो गुनगुनाते रहों गम को छुपाते रहों
जिन्दगी भर यूँ ही गीत गाते रहों
जिन्दगी को यूँ ही आजमाते रहों
हंसते हंसते यूँ ऐ मेरे हम सफर
कट जायेगा सफर मंजिल आयेगी नजर

ID(182326)RM

Posted on: Dec 05, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER

इस समाधि में छिपी हुयी हैं एक राक कि देरी...कविता-

ग्राम-मवाही,जिला-बाँदा,राज्य-उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
इस समाधि में छिपी हुयी हैं एक राक कि देरी
चल कर जिसने स्वतंत्रता कि दिव्य आरती फेरी
यह समाधि हैं लघु समाधि हैं झाँसी कि रानी कि
अंतिम लीला असली यही हैं लक्ष्मी मर्दानी कि
यहीं कहीं पर बिखर गयी हैं वह बदम विजय माला कि
उसके फूल यही संकित हैं यह स्मृति माला कि ID (182335)RM

Posted on: Dec 05, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

हर कदम पर कोई कातिल है कहा जाये कोई...गीत-

जिला-उमारिया,राज्य-मध्यप्रदेश से राजा बैगा गीत सुना रहे है:
हर कदम पर कोई कातिल है कहा जाये कोई-
जिन्दा रहना जिन्दा रहना-
बड़ा मुश्किल है कहा जाये कोई-
हर कदंम पर कोई कातिल है कहा जाये कोई-
हाले दिल को कोई छुपाए तो छुपाए... ID(182341)RM

Posted on: Dec 05, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

यहे ला गुसरता का बहता जल कितना शीतल कितना निर्मल...कविता-

ग्राम-मावाही,जिला-बांदा,राज्य-उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
यहे ला गुसरता का बहता जल
कितना शीतल कितना निर्मल
हिम गिर के हिम से निकल निकल
यह विमल दूध सा हिम का जल

ID(182323)RM

Posted on: Dec 05, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

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