यहे ला गुसरता का बहता जल कितना शीतल कितना निर्मल...कविता-

ग्राम-मावाही,जिला-बांदा,राज्य-उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
यहे ला गुसरता का बहता जल
कितना शीतल कितना निर्मल
हिम गिर के हिम से निकल निकल
यह विमल दूध सा हिम का जल

ID(182323)RM

Posted on: Dec 05, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER