एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी-पंक्ति सुना रहे है...

सुरेश कुमार बडवानी मध्यप्रदेश से वाणी बदलो नाम का पंक्ति सुना रहे है-
एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी-
एक कौआ तेज रफ़्तार से उडकर जा रहा था-
कोयल ने पूछा भईया कहां भागे जा रहे हो-
कौया बोला भईया इस देश को छोड़ कर विदेश जा रहा हूँ-
क्युकी या मेरा कोई सामन नहीं है-
जहाँ जाकर बैठता हूँ वही से उड़ा दिया जाता है-
इस पर कोयल बोली भईया स्थान बदलने से क्या होगा-
यार तुम्हें अपने कडूवे बोली छोड़ कर मदर बोली अपनाने चाही-
स्थान परिवर्तन से कुछ नहीं होता,स्वाभाव और वाणी को बदले पर ही सामान मिल सकत है...

Posted on: Oct 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

किताबे कुछ कहना चाहती है...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
किताबे कुछ कहना चाहती है-
तुम्हारे साथ रहना चाहती है-
किताबों में रॉकेट का राज है-
किताबों में साइंस की आवाज है-
किताबों में कितना बड़ा संसार है-
किताबों में ज्ञान का भंडार है... (AR)

Posted on: Oct 05, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

अपना प्रदेश देखो कितना विकसित देखो...कविता-

ग्राम पंचायत-बड़े बोदेनार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से सुखराम कुंजाम एक गीत सुना रहे हैं:
अपना प्रदेश देखो कितना विकसित देखो-
आओ आओ घुमो यहाँ खुशियों से झूमो यहाँ-
रायपुर की कहानी है अपनी रजधानी है-
ऊँचे ऊँचे मकान देखो... (AR)

Posted on: Sep 30, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

आज युग पुकारता जाग नौजवान रे...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
आज युग पुकारता जाग नौजवान रे-
मोरचे संभाल रे संभाल तू कमान रे-
दुर्दशा को देख समाज हाय छटपटा रहा-
भ्रष्ट हुआ तंत्र राष्ट्र संपदा मिटा रहा-
आज युग पुकारता जाग नौजवान रे... (AR)

Posted on: Sep 29, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

किसी ने पूछा माँ क्या है वह कौन है...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
किसी ने पूछा माँ क्या है वह कौन है-
समुंदर ने कहा माँ एक सीप है-
जो बालको के लाखो राज अपने सीने में दबा लेती है-
असमान ने कहा माँ इंद्र धनुष की चमक है-
शायर ने कहा माँ एक गजल है-
जो सुनने वालों के दिलो में उतर जाती है...(AR)

Posted on: Sep 29, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

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