आज युग पुकारता जाग नौजवान रे...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
आज युग पुकारता जाग नौजवान रे-
मोरचे संभाल रे संभाल तू कमान रे-
दुर्दशा को देख समाज हाय छटपटा रहा-
भ्रष्ट हुआ तंत्र राष्ट्र संपदा मिटा रहा-
आज युग पुकारता जाग नौजवान रे... (AR)

Posted on: Sep 29, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER