एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी-पंक्ति सुना रहे है...

सुरेश कुमार बडवानी मध्यप्रदेश से वाणी बदलो नाम का पंक्ति सुना रहे है-
एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी-
एक कौआ तेज रफ़्तार से उडकर जा रहा था-
कोयल ने पूछा भईया कहां भागे जा रहे हो-
कौया बोला भईया इस देश को छोड़ कर विदेश जा रहा हूँ-
क्युकी या मेरा कोई सामन नहीं है-
जहाँ जाकर बैठता हूँ वही से उड़ा दिया जाता है-
इस पर कोयल बोली भईया स्थान बदलने से क्या होगा-
यार तुम्हें अपने कडूवे बोली छोड़ कर मदर बोली अपनाने चाही-
स्थान परिवर्तन से कुछ नहीं होता,स्वाभाव और वाणी को बदले पर ही सामान मिल सकत है...

Posted on: Oct 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER