पेड़ो की झुरमुटो से आती है पैगाम...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडीयारी एक कविता सुना रहे हैं :
पेड़ो की झुरमुटो से आती है पैगाम-
मै शांति की प्रतीक हूँ मुझसे ही तुम महान-
मुझसे तुम हो तुमसे मै नहीं-
मै तो प्रकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है, पवन मुझे उठाती है...
Posted on: Mar 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
घोर अंधकार से घिरा जब सुन्दर उजियारा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
घोर अंधकार से घिरा जब सुन्दर उजियारा-
पग पग-पर बिछे हैं सर्प बिच्छू-
काम के नाम पर तबाही की ओर चला जा रहा है-
मिट्टी, जल, जंगल, जलवायू, विनाश की ओर अग्रसर-
वन दानव, मानव सब रक्त की धार बहा रहे हैं...
Posted on: Mar 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मुझे तुम इतना जगह दे दो कि मेरा चार पाई तो बिछ जाये...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मुझे तुम इतना जगह दे दो कि मेरा चार पाई तो बिछ जाये-
मुझे तुम इतना अन्न दे दो कि मेरा दिन गुजर जाये-
मुझे इतना कपड़ा दे दो कि मेरा तन ढक जाये-
क्या लेकर आया है, क्या लेकर यहां से जाना है-
मुठ्ठी बांध के आया है, हांथ पसारे जायेगा-
तन कपड़ा भी तेरा साथ नहीं, फिर बईमानी लूट पाट क्या करना है...
Posted on: Mar 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मन भौरा रे मन भौरा रे, वो मन भौरा तू भुला गया...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है :
मन भौरा रे मन भौरा रे-
वो मन भौरा तू भुला गया-
फूलों को छोड़ काटों में झूल गया-
तेरा मंजिल और था-
कहाँ जाके रास्ता भूल गया-
तुझे कहाँ जाना था, कहाँ जाके फंस गया
क्या पाया क्या खोया, क्या इसका हिसाब लगाया...
Posted on: Feb 19, 2019. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
जंगल में आमसभा...कविता
ग्राम-भाटाचौक, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक स्वरचित रचना सुना रहे हैं, जिसका शीर्षक है जंगल में आमसभा:
सामाजिक असंतुलन को संतुलन बनाए रखने के लिए-
पशुओ में एक आमसभा बुलाई गई जिसका कार्यभार-
बन्दर मामा को सौंपा गया सारे पशु आ आकर एकत्रित हुए-
सबको बंदर मामा ने अपने-अपने स्थान पर बैठाया-
उसी समय पर जंगल का राजा शेर अपने दल के साथ आया-
उसके आगमन पर सारे पशु उसके स्वागत के लिए उठ खड़े हुए...
