मुझे तुम इतना जगह दे दो कि मेरा चार पाई तो बिछ जाये...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मुझे तुम इतना जगह दे दो कि मेरा चार पाई तो बिछ जाये-
मुझे तुम इतना अन्न दे दो कि मेरा दिन गुजर जाये-
मुझे इतना कपड़ा दे दो कि मेरा तन ढक जाये-
क्या लेकर आया है, क्या लेकर यहां से जाना है-
मुठ्ठी बांध के आया है, हांथ पसारे जायेगा-
तन कपड़ा भी तेरा साथ नहीं, फिर बईमानी लूट पाट क्या करना है...
