मन भौरा रे मन भौरा रे, वो मन भौरा तू भुला गया...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है :
मन भौरा रे मन भौरा रे-
वो मन भौरा तू भुला गया-
फूलों को छोड़ काटों में झूल गया-
तेरा मंजिल और था-
कहाँ जाके रास्ता भूल गया-
तुझे कहाँ जाना था, कहाँ जाके फंस गया
क्या पाया क्या खोया, क्या इसका हिसाब लगाया...
