प्रसंशा करो सब की प्रति पाओगे रब की...दोहा-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) विरेन्द्र गंधर्व दोहा सुना रहे है
प्रसंशा करो सब की प्रति पाओगे रब की-
रब की प्रसंशा से सब की मन की छिसाई करो-
कला कलेश को अपने मन से बिदाई करो-
प्रसंशा करने से कोई आगे बढ़ जायेगा-
कमियों का रंग स्वत ही उतर जायेगा...(183273)GM
Posted on: Dec 28, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
जब एक-एक कर सभी भी...कविता-
जिला-बलरामपुर, (उत्तरप्रदेश) सर्वेश सिंह एक कविता सुना रहें है:
जब एक-एक कर सभी भी-
रोने अपना कौशल दिखलायें-
पर कोई भी धनुष को हिला भी ना पाया-
सब हुए क्रोधित विदेराज उस-
जब एक-एक कर सभी भी...(182005) GT
Posted on: Dec 27, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
क्योकि लड़की हूँ मै मत रोको...कविता-
सुरेश कुमार बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक कविता सुना रहे है :
क्योकि लड़की हूँ मै मत रोको-
मत टोको मत दो गाली मुझे-
मत एहसास दिलाओ की लड़की हूँ मै-
हा पता है की मै लड़की हूँ-
इसिलिये तो कुछ कर नहीं सकती...(183190)GM
Posted on: Dec 26, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कविता एक उड़न है चिड़िया के बहाने...कविता-
सुरेश कुमार बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक कविता सुना रहे है:
कविता एक उड़न है चिड़िया के बहाने-
कविता किउदन भला चिड़िया क्या जाने-
बहार इतर इस घर उस घर कविता के पंख लगा उड़ने के मन-
चिड़िया क्या जाने कविता एक खिलना है फूलो के बहाने-
कविता का खिलाना भला फुल क्या जाने ...(183193) GM
Posted on: Dec 26, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
नवा जबान के मनखे वो काबर मारथो लबारी... छत्तीसगढ़ी कविता-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहें है:
नवा जबान के मनखे वो काबर मारथो लबारी-
घर माँ बठकी नी हवे अब होथे लोटा खारी-
खा थो चौमिन मैगी पास्ता बारो मासी-
बता थो नॉन चटनी बोरा बासी-
बिवाह के पहली आज कल के-
टूरा-टुरी मन हा कंधा मा कंधा जोड़े-
नवा जबान के मनखे वो काबर मारथो लबारी...(183227) GT
