हवा देश की देश का फल सरस बने प्रभु सरस बने...कविता
बवाना दिल्ली से इन्दर एक कविता सुना रहे हैं:
देश की माटी देश का जल,हवा देश की देश का फल-
हवा देश की देश का फल-
सरस बने प्रभु सरस बने-
देश के वन और देश के बाट-
देश का घर और देश का घाट-
सरल बने प्रभु सरल बने-
देश के तन और देश के मन-
देश के घर के भाई बहन,विमल बने प्रभु विमल बने...(AR)
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: POEM
रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी...कविता
जिला-पूर्णिया (बिहार) से खागेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी-
असमान से बरसा पानी-
भाग रे लेकर ताल तेलईया-
बच्चे नाचे ताता थईया-
चारो ओर हरियाली छाई...(AR)
Posted on: Feb 18, 2021. Tags: POEM
क्यों पूछू तुमसे एक सवाल...कविता-
पूर्णिया, बिहार से खागेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं, “क्यों पूछू तुमसे एक सवाल” |
अपने गीत संदेश को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Feb 16, 2021. Tags: BIHAR KHAGESH KUMAR POEM
दुखो के पतझड़ का अंत हो जाए...पंक्तियाँ-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गन्दर्व पंक्तियाँ सुना रहें हैं:
दुखो के पतझड़ का अंत हो जाए-
हम सभी का जीवन बसंत हो जाए-
सब को ज्ञान मिले यथा उचित सम्मान मिले-
माँ सरस्वती की कृपा से सभी की सुपंत हो जाए...(RM)
Posted on: Feb 16, 2021. Tags: POEM
हर मुश्किल का हल होता हैं...पंक्तियाँ-
जिला-भोपाल (मध्यप्रदेश) से खुशीलाल पंक्तियाँ सुना रहें हैं:
हर मुश्किल का हल होता हैं-
आज नही तो कल होता हैं-
आँख से आंसू ना झलकाना-
आंसू गंगा जल होता हैं...(RM)
