दुखो के पतझड़ का अंत हो जाए...पंक्तियाँ-

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गन्दर्व पंक्तियाँ सुना रहें हैं:
दुखो के पतझड़ का अंत हो जाए-
हम सभी का जीवन बसंत हो जाए-
सब को ज्ञान मिले यथा उचित सम्मान मिले-
माँ सरस्वती की कृपा से सभी की सुपंत हो जाए...(RM)

Posted on: Feb 16, 2021. Tags: POEM