हुआ कलयुग का शुभारंभ, कल कारखानो से धरती तंग...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
हुआ कलयुग का शुभारंभ, कल कारखानो से धरती तंग-
चोरी लूट-पाट से लोग तंग, सभी अपने आप में हैं मतंग-
धोखा देना लोगो का बना गुरु मंत्र, सीखे पढ़े है तन्त्र मन्त्र-
कहते हैं अपने आप को स्वतंत्र, ऐसा ही है देशवासियों का यह तंत्र-
फिर आएगा कलि काल, लोगो का होगा हलाल-
लहू से होगी धरती लाल, सभी के ऊपर मंडराएगा काल...

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

वाह रे जनतंत्र, वाह रे जनतंत्र...कविता

कानपूर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं :
वाह रे जनतंत्र, वाह रे जनतंत्र-
भैस की पूंछ पकड़कर-
चलने की आदत हो गई-
अब तो जीत भी लोकतंत्र पर-
आफत हो गई-
अभी-अभी पता चला कि-
अभी वो तितुर से गुलाम हो गई है-
चलो एक बार फिर से-
दुनिया बहाल हो गई है-
अब तो झंडे नारे की दूकान-
फिर से खुशहाल हो गई है...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER

बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...बाल कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे है:
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
मेरे घर के छप्पर में आकार उसे ना उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है, फिर उनको संवारना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
बंदर मामा बंदर मामा-
केले बाड़ी में तुम न आना – मेरा केला के बाड़ी में आकर-
उन्हें तुम न उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है उन्हें फिर लगाना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG CHILDREN KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे...कविता

ग्राम पंचायत-ताड़वेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनीश कुमार और नवीन कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
इन गड्ढे में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे-
घर आँगन को साफ रखेंगे गलियाँ साफ़ बनायेंगे-
कैसे जीना हमें चाहिए जीकर हम दिखलायेंगे...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOELIBEDA POEM SONG VICTIMS REGISTER

100 में 70 आदमी फिलहाल जब नाशाद है, दिल में रख के हाथ कहिये देश क्या आज़ाद है?

भरत लाल मानिकपुरी कुछ पंक्तिओं से अपनी बात को कह रहे है:
100 में 70 आदमी फिलहाल जब नाशाद है, तो दिल में रख के हाथ कहिये देश क्या आजाद है?
कोठियों से मुल्क की सम्पन्नता मत आंकिये, असली हिंदुस्तान तो फुटपाथ पर आबाद है – ये घरती क्या आसमां भी हिल जायेगा-हर पत्थरों पर फूल कोई खिल जायेगा-
एक बार मेरे यार दिल में बसा ले सत्य गुरु को-इन्सान क्या, खुदा भी तुझे मिल जायेगा-
गाँधी के सिद्धांतों को जेल हो गई-राजनीति बेवकूफी भरा खेल हो गई-
सत्ता के विधाता धन के संतरी हो गये-डाकू और गुंडे देखो मंत्री हो गए-
अगर तुम्हारे ह्रदय में जीवन में प्रकाश चाहिए-तो दिल में गाँधी और हांथों में सुभाष चाहिए...

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: BHARATLAL MANIKPURI CG POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

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