हुआ कलयुग का शुभारंभ, कल कारखानो से धरती तंग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
हुआ कलयुग का शुभारंभ, कल कारखानो से धरती तंग-
चोरी लूट-पाट से लोग तंग, सभी अपने आप में हैं मतंग-
धोखा देना लोगो का बना गुरु मंत्र, सीखे पढ़े है तन्त्र मन्त्र-
कहते हैं अपने आप को स्वतंत्र, ऐसा ही है देशवासियों का यह तंत्र-
फिर आएगा कलि काल, लोगो का होगा हलाल-
लहू से होगी धरती लाल, सभी के ऊपर मंडराएगा काल...
