आओ-आओ, देखो-देखो क्या बात हुई है...कविता-

बिश्रामपुर (छत्तीसगढ़) से दानवीर सिंह बाल विवाह पर एक कविता सुना रहे हैं:
आओ-आओ, देखो-देखो क्या बात हुई है-
क्यों मचाया हल्ला पूरा देखो गांव-
देखो पूरा मोहल्ला-
अरे ओ ताऊ अरे ओ भाई-
अरे ओ ताई, देखो ओ माई-
आओ-आओ, देखो-देखो हर तरफ हो रहा बच्चो के साथ अत्याचार...

Posted on: Mar 08, 2019. Tags: BISHRAMPUR CG DANVIR SINGH POEM SONG VICTIMS REGISTER

घुडुर घडर पानी करे भाई, महुआ आमा कर कूची...कविता-

ग्राम-देवरी, पोस्ट, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक सरगुजिहा कविता सुना रहे हैं:
घुडुर घडर पानी करे भाई-
महुआ आमा कर कूची-
और मउर हर फहराई-
महुआ आमा कूची और मौर हर बहराई...

Posted on: Mar 06, 2019. Tags: CG KAILASH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

छोटे-छोटे भवन स्वच्छ अतिवृष्टि में नहर आते हैं...कविता-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल ग्रामीण जीवन के बारे में कविता के माध्यम से बता रहे हैं:
छोटे-छोटे भवन स्वच्छ अतिवृष्टि में नहर आते हैं-
रत्न गणित प्रसादो से बढाकर पाते हैं-
वट पीपल की शीतल छईयां, फैली कैसी है चारो ओर-
बीच गांव सुंदर गान सुनाते, नृत्य कहीं दिखलाते मोर-
शांति पूर्ण लघु ग्राम बड़ा ही सुखमय होता है भाई-
देखो नगरो से भी बढ़कर इनकी शोभा है अधिकाई...

Posted on: Mar 05, 2019. Tags: CG DURGESH PATREL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

उन नकल का करय परचार, लड़िका तडपे चार हजार...पंक्तियाँ

ग्राम-बीड, पोस्ट-पेंडूल, थाना, तहसील-माडा, जिला-सिंगरौली (मध्यप्रदेश) से आमोद सिंह गहरवार पंक्तियां सुना रहे हैं:
उन नकल का करय परचार-
लड़िका तडपे चार हजार-
कहय तोहे पास कराउब-
हुंआ नकल हम खूब कराउब-
एत्तो में जब पास न होवा, पुनः मुलायाकन फॉर्म भराउब...

Posted on: Mar 05, 2019. Tags: AMOD SINGH GAHARVAR MP POEM SINGRAULI SONG VICTIMS REGISTER

लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ...कविता-

मालिघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है :
लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ-
दुःख थे पर्वत, राई माँ, हारी नहीं लड़ाई माँ-
इस दुनियां में सब मैले हैं, किस दुनियां से आई माँ-
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे, गरमा गरम रजाई माँ-
जब भी कोई रिश्ता उधड़े, करती है तुरपाई माँ-
बाबू जी तनख़ा लाये बस, लेकिन बरक़त लाई माँ-
बाबूजी थे सख्त मगर, माखन और मलाई माँ-
बाबूजी के पाँव दबा कर, सब तीरथ हो आई माँ-
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे, मां जी, मैया, माई, माँ...

Posted on: Feb 27, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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