घुडुर घडर पानी करे भाई, महुआ आमा कर कूची...कविता-
ग्राम-देवरी, पोस्ट, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक सरगुजिहा कविता सुना रहे हैं:
घुडुर घडर पानी करे भाई-
महुआ आमा कर कूची-
और मउर हर फहराई-
महुआ आमा कूची और मौर हर बहराई...
