पाप पुन्य के ये नगरी मा, बसे हमर संसार...कविता-

ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे हैं :
पाप पुन्य के ये भुईयां मा-
पाप पुन्य के ये नगरी मा-
बसे हमर संसार-
नौ दिन नौ रात ले सुग्घर, माता के लगे भंडारा-
ब्रम्हा विष्णू अउ शिवशंकर सेवा ला तोर बजावें-
राम लखन अउ सीता जानकी तोर भुवन मा जोत जलावें...

Posted on: Apr 12, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

क्या इरादा है उनकी कुछ समझ में नहीं आता...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
क्या इरादा है उनकी कुछ समझ में नहीं आता-
5 साल में आते हैं, एक बार, सब कुछ लूटकर ले जाते हैं-
ठगा सा रह जाते हम कुछ भी नहीं बोल पाते-
पीठ पीछे लाख गाली देते हैं-
सामने आने पर हाँ में हाँ भरकर रह जाते हैं...

Posted on: Apr 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

ठूठ पकड़ा दिये हमको जड़ पकड़ रखे हैं वे...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ठूठ पकड़ा दिये हमको जड़ पकड़ रखे हैं वे-
आंधी चले तो ठूठ ही गिरे, जड़ को कुछ नुकसान न हो-
पर ये वहम में न पड़े रहें, आंधिया चलती हैं तो-
कभी-कभी जड़ को उखाड़ फेकता है-
लोग ठूठ को उठाकर तो ले जाते हैं अपने जलाने के लिये-
जड़ वहीँ के वही पड़ा रह जाता है...

Posted on: Apr 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

जनता किसान को थम्हा दिया गया डगाल...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जनता किसान को थम्हा दिया गया डगाल-
जड़ को पकड़ रखा है सरकार-
तो कैसे पनपेगा डगाल-
बजता ही रह जायेगा अपना गाल-
न रेंगेगा उनकेकान में जूं-
जनता मर जाये न क्यों, रहेगा ज्यों का त्यों...

Posted on: Apr 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

तीन कोस मा पानी बदले, पांच कोस मा बानी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
तीन कोस मा पानी बदले, पांच कोस मा बानी-
जोन ला उंच कुर्सी मा बिठावथन-
ओइच हा करथे मनमानी-
किसान के गाना मा दुपट्टा नहीं-
पचास बच्हर के मागथे पट्टा-
जाउन पट्टा मिले हवे, ओइच हर हो गये हवे दुपट्टा...

Posted on: Apr 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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