पाप पुन्य के ये नगरी मा, बसे हमर संसार...कविता-
ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे हैं :
पाप पुन्य के ये भुईयां मा-
पाप पुन्य के ये नगरी मा-
बसे हमर संसार-
नौ दिन नौ रात ले सुग्घर, माता के लगे भंडारा-
ब्रम्हा विष्णू अउ शिवशंकर सेवा ला तोर बजावें-
राम लखन अउ सीता जानकी तोर भुवन मा जोत जलावें...
