यह मंदिर कैसा जहा शिक्षा में न लगे पैसा ...बाल कविता-
मालीघाट मुज़फ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
यह मंदिर कैसा जहाँ शिक्षा मिले न लगे पैसा-
मुफ्त में मिले ज्ञान लेके बनो महान-
बोलो क्या है ??.. स्कूल हा-
मिला एक अधिकार, बच्चो को साचा प्यार-
बच्चे १४ बरस के बच्चे न शिक्षा को तरसे ...
Posted on: Mar 11, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
काली चुनरिया के कोर काला...होली गीत
ग्राम-नोनारी,जिला रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक होली गीत सुना रही हैं:
काली चुनरिया के कोर काला, पिया पानी न जाबये नजर लागी-
चाहे ससुर जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब सास रानी-
चाहे जेठ जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब जेठ रानी-
चाहे देवर जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब लहुर रानी-
काली चुनरिया के कोर काला पिया पानी न जाबये नजर लागी...
Posted on: Mar 10, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI HOLI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में...बन्नी गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बारह बरश की उमर बीत गई बाबुल की अंगनाई में-
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में-
प्यारे बन्नी जी के बेंदी सोहय टीका लिखा विदाई में-
कानो बन्नी जी के कुंडल सोहय झूमक लिखा विदाई है-
गाले बन्नी जी के लैकिट सोहय हारा लिखा विदाई है-
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में-
बारह बरश की उमर बीत गई बाबुल की अंगनाई में...
Posted on: Mar 09, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
छाई है खुशिया सारे देश में...देश भक्ति गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक देश भक्ति गीत सुना रही हैं:
हो मन मेरे दिल में खिला है-
आज शुभ दिन तो मिला है-
छाई है खुशिया सारे देश में-
प्यारे-प्यारे गांघी जी का के वर्षा खींचेगें-
जान देश के झंडे को हम झुकने नही देंगे-
प्यारे-प्यारे बापू जी के वर्षा खींचेंगे-
जान देश के झंडे को हम झुकने नही देंगे-
हो मन मेरे दिल में खिला है आज शुभ दिन तो मिला है...
Posted on: Mar 09, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
रामा काहय लक्ष्मण जी काहय शंकर जी काहय...गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक गीत सुना रही हैं:
रामा काहय लक्ष्मण जी काहय शंकर जी काहय-
रामा का कपडा पीला लक्ष्मण जी के कपडा नीला है-
शंकर जी के कपडा तिरछा और तीनो के नाम बराबर है-
रामा के हाँथे धनुहा है लक्ष्मण जी के हाँथे तिरसु है-
शंकर जी के हाँथे डमरू है और तीनो के नाम बराबर है-
रामा काहय लक्ष्मण जी काहय शंकर जी काहय...
