हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में...बन्नी गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बारह बरश की उमर बीत गई बाबुल की अंगनाई में-
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में-
प्यारे बन्नी जी के बेंदी सोहय टीका लिखा विदाई में-
कानो बन्नी जी के कुंडल सोहय झूमक लिखा विदाई है-
गाले बन्नी जी के लैकिट सोहय हारा लिखा विदाई है-
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में-
बारह बरश की उमर बीत गई बाबुल की अंगनाई में...
