अल्फाजों के घेरे में उलझा रहता हूं...निदा फाजली को श्रद्धांजलि
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम. भाई मशहूर शायर निदा फाजली के निधन पर श्रद्धांजलि स्वरुप एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
अल्फाजों के घेरे में उलझा रहता हूं-
भावनाओं के भंवर में डूब जाता हूं-
हर घड़ी हर पहर बस उकेरता हूँ विचारों की रागिनी-
उन लमहों की सुनहरी यादों और अल्फाजों में सिमट जाता हूं-
जो भिगोती हैं मेरे तन और मन को रुला देती हैं मुझे कुछ इस तरह-
कि तन्हा सा हो जाता हूँ मैं वक्त की हर घड़ी मंद पद जाती है-
एक ज्वाला सी भड़कती है तेरी याद में ऐ निदा फाजली....
Posted on: Feb 10, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
गणतंत्र कहीं शोकतंत्र न बन जाए....गणतंत्र दिवस पर कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के एम भाई गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
गणतंत्र कहीं शोकतंत्र न बन जाए-
उठो ऐ नवजवानों ! वतन की आबरू की खातिर-
एक लम्हा तुम भी निकालो-
मातम छाने से पहले इस डूबते सूरज को बचा लो-
तिनका ही सही एक अंश तुम भी तो डालो-
रात गहरी ना हो जाए, एक क्षण के लिए ही-
उम्मीद का सबेरा बचा लो-
उठो ऐ नवजवानों ! वतन की आबरू की खातिर-
एक लम्हा तुम भी निकालो....
Posted on: Jan 26, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
अनसुलझे रहस्यों के बीच, जगमगाता एक सितारा...नेताजी जयंती पर कविता
जिला-कानपुर उत्तरप्रदेश से के एम भाई सुभाष चन्द्र बोस की 119वी जयंती के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं :
अनसुलझे रहस्यों के बीच-
जगमगाता एक सितारा-
कभी हँसता कभी मुस्कराता-
वो तारा बंगाल की धरती-
पे जन्म था जिसका अंग्रेजों से-
पंगा था अपने खून से-
सराबोर कर गया वतन सारा-
डूबती आशाओं का-
वही एक था सहारा-
हर एक सुभाष का एक ही नारा-
कोई तो बचाए वतन हमारा-
वतन हमारा...
Posted on: Jan 23, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
चौराहे पर टंगा एक पोस्टर चिल्लाता रहा....कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम. भाई एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
चौराहे पर टंगा एक पोस्टर चिल्लाता रहा-
रोजगार की गारंटी, रोजगार की गारंटी-
कमबख्त वक्त की नजाकत-
उसके नीचे मजदूरों का हुजूम भूखा खड़ा था-
कभी कभी तो ऐसे हालात आते हैं-
जब कुछ लोग सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे सो जाते हैं-
कुछ जी जाते हैं कुछ अमर हो जाते हैं-
लोकतंत्र फटकार लगाता है और-
तमाशा करने वाले मजा लूट ले जाते हैं...
Posted on: Jan 13, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
नए वर्ष की कामना में, जीवन हर एक क्षण हो नया...नववर्ष पर कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के एम भाई नववर्ष के अवसर पर एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
इस नए वर्ष की कामना में, जीवन का हर एक क्षण हो नया-
शांति के गलियारे में, प्रेम का हर एक फूल हो नया-
रिश्तों के गलियारे में, ख़ुशी का हर एक लम्हा हो नया-
जिन्दगी की राह में, विकास का हर एक मोड़ हो नया-
बेहतरी की आस में, उम्मीद का हर एक दिया हो नया-
इंसानियत के द्वार में, विश्वास का हर एक कदम हो नया-
आने वाले कल में, समय का हर एक पल हो नया-
नए वर्ष की कामना में, जीवन हर एक छड़ हो नया-
जीवन हर एक छड़ हो नया ...
