अल्फाजों के घेरे में उलझा रहता हूं...निदा फाजली को श्रद्धांजलि
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम. भाई मशहूर शायर निदा फाजली के निधन पर श्रद्धांजलि स्वरुप एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
अल्फाजों के घेरे में उलझा रहता हूं-
भावनाओं के भंवर में डूब जाता हूं-
हर घड़ी हर पहर बस उकेरता हूँ विचारों की रागिनी-
उन लमहों की सुनहरी यादों और अल्फाजों में सिमट जाता हूं-
जो भिगोती हैं मेरे तन और मन को रुला देती हैं मुझे कुछ इस तरह-
कि तन्हा सा हो जाता हूँ मैं वक्त की हर घड़ी मंद पद जाती है-
एक ज्वाला सी भड़कती है तेरी याद में ऐ निदा फाजली....
