स्वास्थ्य स्वर : खीरे का औषधि के रूप में प्रयोग करें...

ग्राम-रनई, थाना-पटना जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से बैद्य केदारनाथ पटेल आज हमारे श्रोताओं को घरेलु उपचार में खीरे का औषधि उपचार बता रहे हैं: (1) नेत्र रोग, नेत्ररोग के जो आँख के नीचे-नीचे काले-काले धब्बे हो जाते हैं उसमे खीरे कि पेस्ट एक सप्ताह लगाने पर ठीक हो जाता है (2) कंठ रोग, कंठ रोग में खीरे कि पत्तों का क्वाथ बनाकर 10-20 क्वाथ को 500 मिलीग्राम जीरा का चूँरण मिलाकर सेवन करने से गले का कंठ रोग में लाभ होता है (3) ब्रिहग बस्ती रोग, मुत्रक्रिश में दर्द व् कठिनाई में मूत्र करते समय जलन होना मुत्रतियाग के रोगी को भोजन में खीरे का सेवन करने से रोग समाप्त हो जाता है (4) मूत्राघात, मूत्राघात में खीरे के बीज कल्क को 2 से 4 ग्राम अमलकांजी तथा लवंड के साथ मिलाकर सेवन करने से मूत्राघात मूत्र का न बनना रोग का स्वर्ण होता है मूत्र बनने लगता है और विस्तार से जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं: सम्पर्क नंबर @9826040015 CS

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: KEDARNATH PATEL KORIYA CG HELATH

स्वास्थ्य स्वर : महिलाओं का सरवाईकल केंसर बीमारी नस्ट करने का घरेलु उपचार.....

ग्राम-रनई, थाना-पटना जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से बैद्य केदारनाथ पटेल आज हमारे श्रोताओं को सरवाईकल केंसर का निदान व् घरेलु उपचार बता रहे हैं जो महिलाओं को सरवाईकल केंसर गर्भाश्ये में जानलेवा बीमारी होता है: लक्षण” योनी से सम्मान रूप से रक्त का असरा होना, योनी से असम्मान रूप से रक्त निसेद किसी सरल पदार्थ का निकलना, शारीरिक सम्बन्ध के बाद खून का निकलना, इनक्रा कोर्स के समय अधिक प्रेय होना, शारीर में थकावट होना, चिरचिढ़ा पन होना, भूख न लगना, टांगो में दर्द कमर में पीड़ा होना, सामान्य रूप से बजन घटना आदि होता है महिलाएं अनदेखा करते है किसी को बता नहीं पाते जब बिमारी ज्यादा बढ़ जाता है तब डाक्टर के पास जाते है इसका निदान उपचार बहुत कम होता है समय भी बहुत ज्यादा लगता है: उपचार”(1) स्वर क्लफ कॉप 200 ग्राम, कया क्लफ कॉप 200 ग्राम, इसका काढ़ा बनालें और 10-10 ग्राम के मात्रा में शाम-सवेरे इसका सेवन करें (2) सिला सिंदूर, ताम्र सिंदूर, मुक्ता पिष्टी, करमा पिष्टी, अम्रिता सत्त, वीरक भष्म, स्वर्ण बसंती मोल, स्वर्ण बसंती बसंत मालती रस आदि का 90 पुडिया बनाकर 1-1 पुडिया शाम-सुबह खाली पेट शहद से सेवन करें| (3) इस्त्री रसायन बटी 1-1 ग्राम, कचगार गुगल 1-1 ग्राम, ब्रेधवादिका बटी 1-1 ग्राम इसे मिलाकर खाना खाने के बाद 1 ग्राम लेने से इस रोग से बच सकते है और विस्तार से जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं: सम्पर्क नंबर @ 9826040015 CS

Posted on: Jul 08, 2020. Tags: HELATH KEDARNATH PATEL PATNA KORIYA CG

स्वास्थ्य स्वर : सन्धिवाद और इस्त्रिया रोग का घरेलु उपचार...उपयोग करें-

ग्राम-रनई, थाना-पटना जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से बैद्य केदारनाथ पटेल सन्धिवाद रोग का घरेलु नुस्खा बता रहे हैं: चित्रक मूल, आवला, हरण, पीपल, रेबन्ध चिनी और सेंधा नमक इन सब चीजों को सामान्य भाग लेकर चूर्ण बनाकर 4 से 5 ग्राम के मात्रा में प्रति दिन सोते समय गरम पानी के साथ सेवन करने से पुरानी से पुरानी सन्धिवाद, वायु के रोग आँतो का रोग नष्ट होता है और इसमें किसी प्रकार कि खटाई और उड़द का दाल नहीं खाना है (2) इस्त्रिया रोग: मतलब महिलाओं का आवेश रोग इसमें चित्रक का जड़, ब्राम्ही और बच, इन सब का सामान्य भाग लेकर चूर्ण बनाकर 1 से 2 ग्राम दिन में 3 बार लेने से इस्त्रिया रोग में लाभ होता है और विस्तार से जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है: सम्पर्क नम्बर @ 9826040015 CS

Posted on: Jul 06, 2020. Tags: HELATH KEDARNATH PATEL PATNA KORIYA CG