वनांचल स्वर: हमें जंगले से सागौन, ईमली, आम आदि मिल जाता था...

ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील- कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुकार राम बताते हैं कि 20 साल पहले जंगल काफी अच्छा था। जंगल से फल-फूल भी अच्छे से मिल जाता था। जिस शासन को जंगल को संभालने की ज़िम्मेदारी मिली है वह अपना काम ठीक से नहीं करते। पहले जंगल से सागौन, ईमली, आम आदि मिल जाता था। शासन अब जंगल का घेराव कर रहा है, जिसके कारण इनमें से कुछ नहीं मिल पाता। अब जंगल से जलाने के लिए लकड़ी भी नहीं मिलती। सम्पर्क@6268921280. (185599) GT

Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER SUKAR RAM VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: सिमटते जंगल...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़)
सुकराम फरदिया बतातें हैं कि २० वर्ष पहले जंगल अच्छी स्तिथि में था, झाड भी बहुत थे| हमें फल-सब्जी भी जंगल से आसानी से मिल जाता था| जंगल से मिलने वाले खाद्य पदार्थो से हमारा गुजारा हो जाता था| जंगल से फल लाकर हम लोग बेचते भी थे| लेकिन अब सब खत्म होता जा रहा है, शासन ध्यान नही दे रहा है| शासन वाले गाँव वालों से आकर बोलते ही कि जंगल बचाओ लेकिन वो खुद ध्यान नही देतें| नर्सरी भी खत्म हो गयी है| सागौन का पेड़, अमली, कटहल यह सब जंगल में नर्सरी में लगाया गया था| लेकिन अब खत्म हो गया है| जंगल खत्म हो चुका है, इसलिए घेराबंदी कि जा रही है जंगल को बचाने के लिए| अब लकड़ी नही मिलता, शासन सिलिंडर गैस देता है| अपनी निजी ज़मीन पर ही हम उगाते हैं|
सम्पर्क:- 6568921280(RM)

Posted on: Feb 06, 2021. Tags: CG KANKER SUKAR RAM VANANCHAL SWARA