छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय बोली गीत : कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में...
ग्राम-केनवर, पोस्ट-कर्रा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रहें है:
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
बती तोर में तेल ना खे-
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
बाबा के करण दिया में तेल ना खे-
पापा के करण दिया में तेल ना खे-
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
लड़ाई के कारण दिया में ना खे-
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
Posted on: Oct 28, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SANDHAYA KHALKHO SONG VICTIMS REGISTER
खीच लिया तेरा प्यार मेरे दिल को हे प्रभू...गीत-
ग्राम-जिनवार, पंचायत-कर्रा, तहसील-राजपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं :
खीच लिया तेरा प्यार मेरे दिल को हे प्रभू-
मोह लिया तेरा प्यार मेरे मन को हे प्रभु-
मेरी हर सांसो में तेरा ही नाम हो-
हर कदम तेरा साथ हो-
पाप के सागर में, डूबता छ्नाथा प्रभू-
पाप से बचाने कोई न सहारा प्रभू...
