छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय बोली गीत : कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में...
ग्राम-केनवर, पोस्ट-कर्रा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रहें है:
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
बती तोर में तेल ना खे-
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
बाबा के करण दिया में तेल ना खे-
पापा के करण दिया में तेल ना खे-
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
लड़ाई के कारण दिया में ना खे-
कैसे बिता बे हे कुवारी दिया तोर में-
