देख आया चंद्र बहना हूँ देता हूँ नेछाय आब मै...गीत-
सीजीनेट के साथी पूजा टेकाम एक कविता सुना रही हैं :
देख आया चंद्र बहना हूँ देता हूँ नेछाय आब मै-
पेड़ फोड़ फीट कई बैठा अकेला एक सीटे कई बराबर-
यहाँ रखे खाना चलना बांधे मुरेठा पीठ पर-
छोटे गुलाबी फूल का सज खड़ा है पास ही-
देख आया चंद्र बहना हूँ देता हूँ नेछाय ब मै-
पेड़ फोड़ फीट कई बैठा अकेला एक सीटे कई बराबर...
