दो बिल्ली एक रोटी लाई, पर दो टुकड़े कर नहीं पाई...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
दो बिल्ली एक रोटी लाई, पर दो टुकड़े कर नहीं पाई-
बंदर एक वहां पर आया, दोनों को उसने समझाया-
लड़ना छोड़ राजीव तराजू लाई, तौल बराबर रोटी खाओ-
बिल्ली दौड़ तराजू लाई, लगा तौलने बंदर भाई-
भारी पकड़े से कुछ टुकड़ा डाला-
डालने अपने मुख डाला-
बंदर सब रोटी खाई, बिल्ली बैठ रही ललचाई...
Posted on: Mar 31, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
काखर गांव दाई काखर बजाओं माता...देवी गीत-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक देवी भजन सुना रहे हैं :
काखर गांव दाई काखर बजाओं माता-
ऐ दाई काखर लेहों परनाम हो माई-
काखर गांव दाई काखर बजाओं माता-
ऐ दाई काखर लेहों परनाम हो माई...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय रे डोंगर पहार में जाबो जी...गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय रे डोंगर पहार में जाबो जी-
डोंगरी पहारे जाबो गा-
महुआ बीखे डोंगर पहारे जाबो रे-
महुआ ला बीख-बीख घामा मा सुखाबो-
घाम अउ पियासे सुघर लटा कूट के खाबो-
डोंगर पहारे जाबो यार...
Posted on: Mar 29, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला-
सांथी जंगल झाड़ होये उजाला-
अऊ गढ़ा, नदी सूखे नाला-
जंगल झाड़ होय ई उजराला-
पानी बिना पवन अऊ पवन बिना धान-
जल बिन मछली पवन बिन धान...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
झाड़ू जब तक एक सूत्र में बंधा रहता है, तब तक कचरा साफ करता है...कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह एक कविता सुना रहे है:
झाड़ू जब तक एक सूत्र में बंधा रहता है-
तब तक कचरा साफ करता है-
लेकिन वही झाड़ू बिखर जाती है-
तो खुद कचरा बन जाती है-
इसलिए हमेशा संघटन में बंधे रहे-
बिखर कर कचरा न बने...
