जंगल में आगी लागे रोबे मजूर मैना...गीत-
ग्राम-नीलकंठपुर,जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं:
जंगल में आगी लागे-
रोबे मजूर मैना-
सिलागिन रोबे दोनों नैना-
जंगल आगी लागे रोबे है-
पोडकी मैना-
सिलागिन रोबे दोनों नैना...(AR)
Posted on: Mar 16, 2021. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA SONG SURAJPUR
ओस की बूँद-सी होती है बेटियां...प्रेरणादायक विचार-
सुरेश कुमार बड़वानी, मध्यप्रदेश से बेटियों के लिए कुछ लाइने सुना रहे हैं -”ओस की बूँद सी होती है बेटियां, फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां, रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को दो-दो कुलों की लाज को ढोती है बेटियां, हीरा है अगर बेटा तो मोती है बेटियां औरों के लिए फूल ही बोती है बेटियां, मिट्टी में मर-नीर सी होती है बेटियां, घर की शान होती है बेटियां, माँ-बहन, पत्नी का फ़र्ज निभाती है बेटियां, इस कुल को आगे बढाती है बेटियां, सोना है अगर बेटा तो चांदी है बेटियां,बेटे को अच्छा खाना खिलाते हैं तो बेटियों को जूठन, बेटियां हो तो गृहस्थी को सजाती है, बेटियां हो तो दूसरों के आँगन की लाज बन जाती है, ओस की बूँद सी होती है बेटियां, इस फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां”|
Posted on: Mar 16, 2021. Tags: BADWANI MP POEM SURESH KUMAR
चलगा साक्षरता अभियाने वा हम तो पाड़ी वे...साक्षरता गीत-
ग्राम-मवई,जिला-बाँदा,राज्य-उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल साक्षरता गीत सुना रहे है:
चलगा साक्षरता अभियाने वा हम तो पाड़ी वे-
हम तो पाड़ी वे हैं भैया हम तो पाड़ी वे-
चलगा साक्षरता अभियाने वा हम तो पाड़ी वे-
गाँव गाँव में साक्षर सैनिक कालेज रहे लगाए-
चना बाजरा और का सहारा गिनती रहे पढाई-
चलगा साक्षरता अभियाने वा हम तो पाड़ी वे...ID (182752)
Posted on: Mar 16, 2021. Tags: BANDA HINDI SONG SURENDRA PAL UP
खोजो न घरी-घरी तोके ढूढ़ों न दूरा कोना मोये...मसीह गीत-
ग्राम-धवलपुर,जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से अनुष्का तिग्गा एक गीत सुना रही हैं:
खोजो न घरी-घरी तोके ढूढ़ों न दूरा कोना मोये-
कहां भेटाबे प्रभु तोये-
मिले ले तरसो न मोये-
तुझ बिना प्रभु मोके-
शांति न मिले रे-
प्रार्थना करके तोके ढूढ़ों न तोके खोजो न...(AR)
Posted on: Mar 15, 2021. Tags: ANUSHKA TIGGA CG SONG SURGUJA
आज मोके बुला थे यीशु राजा रे...मसीह गीत-
ग्राम-धवलपुर,जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से अनुष्का तिग्गा एक गीत सुना रही हैं:
आज मोके बुला थे यीशु राजा रे-
आज मोके बुला थे मसी राजा रे-
प्यार से बुला थे-
दुलार से बुला थे-
लड़ाई झगडा छोड़ के चले आबा रे...(AR)
