स्वास्थ्य स्वर : उच्च रक्तचाप(BP) की बीमारी का घरेलु उपचार-
जिला- टीकमगढ़( मध्य प्रदेश) से वैद्य राघबीर सिंह राय उच्च रक्तचाप(BP) के बीमारी घरेलु उपचार बता रहें है| सबसे पहले आप को देखना होगा, आपका BP किन करने से बढ़ रहा है| अगर खून का गाढ़ापण से बढ़ रहा है तो अर्जुन छाल को सुबह शाम पानी में उबाल करके सेवन करने पे खून पतला रहेगा और BP कण्ट्रोल में रहेगा|
अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: रघबीर सिंह राय @9424759941
Posted on: May 19, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHBIR SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : शुगर की बीमारी का घरेलु उपचार-
जिला- टीकमगढ़( मध्य प्रदेश) से वैद्य राघबीर सिंह राय शुगर के बीमारी घरेलु उपचार बता रहें है| मैथी दाना को एक चमच के तीसरे भाग में ले और उसे सूती कपडे में बांध दे| उससे कपडे को पानी में भिंगो दे| इस मैथी के दाने को सुबह का भींगा को शाम में और शाम का भींगा को सुबह में सेबन करे| आपका शुगर कण्ट्रोल में रहेगा, लेवल में रहेगा| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: रघबीर सिंह राय @9424759941
Posted on: May 18, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHBIR SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
रायपुर की क्या शानी अपनी है राजधानी...कविता
ग्राम-देवरी, पोस्ट-थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, ( छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कविता सुना रहा है:
अपना प्रदेश देखो कितना विशेष देखो-
आओ-आओ घुमो यहाँ खुशियाँ से झूमों-
रायपुर की क्या शानी अपनी है राजधानी-
ऊँचे-ऊँचे है मकान यहाँ की निराली शान-
कोरबा की बिजली हम सब को मिली-
देव भोग का है मान हीरे की है जहाँ खदान-
लोहे के ढलाई देखो, देखो जी भिलाई देखो...
Posted on: May 18, 2019. Tags: CG KAILASHSINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
उनके मन में लोभ नहीं है,
पाप नहीं, परवाह नहीं,
जग का सारा माल हड़प कर,
जीने की भी कोइ चाह नहीं,
जो मिलता है अपने छम से
उतना भर लेते हैं,
औरों के हित उसे छोर देते हैं...
Posted on: May 18, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
गाँव के अलग-अलग समितियों द्वारा होने वाले कार्यों की निगरानी गठित समीति द्वारा ही किया जाता है...
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम, (छत्तीसगढ़) से हेम सिंह मरकाम अपने गाँव के अलग-अलग समितियों द्वारा होने वाले कार्यों को बता रहे हैं, कि उनके गाँव में कई समितियों का गठन किया गया है| जो समीति द्वारा गठित प्रयोजनाओं के अनुरूप काम करती है, जैसे बड़े कोष (बड़े समीति) यह ग्राम में बने सभी समितियों का निरीक्षण करती है| नवधा समीति यह आवक-जावक के कार्य करती है| सवनाही समीति ये सावन के आने के पहले बैठक करके सुनिश्चित करते हैं कि सावन के दौरान कितना आवक-जावक-बचत इसकी निगरानी करती है| सप्ताहिक समीति यह समीति यह तय करती है सप्ताह के अंतिम दिन रविवार को रामायण का आयोजन करती है| सुआरी समीति (खाना बनाना) यह समीति खाना बनाने के काम करती है साथ ही खाना बनाने में उपयोग आने वाले बर्तनों को भी किराया में देते हैं |
