आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार-
ऊपर वाले करे बेड़ा पार-
घर में लटकती लम्बी तलवा-
महामारी कोरोना झकझोरा-
जो भी आग था थोड़ा मोड़ा-
दो राहों में ला के क्या खड़ा...
Posted on: Apr 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
क्या करोगे जब इंसान नहीं होगा...कविता-
ग्राम-डभौरा, तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से वैभव केसरवानी कविता के माध्यम से संदेश दे रहे हैं:
क्या करोगे जब इंसान नहीं होगा-
धर्म के नाम पर मत लड़िये-
तब इंसान नहीं होगा-
हम आपस में मर रहे हैं कट रहे हैं-
धर्म के नाम पर-
जब हम नहीं रहेंगे तब क्या होगा...
Posted on: Apr 08, 2020. Tags: MP POEM REWA SONG VAIBHAV KESHARWANI VICTIMS REGISTER
आई ऋतू राज बसंत वन उपवन में...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आई ऋतू राज बसंत वन उपवन में-
वन उपवन में लाली की बौछार-
वन उपवन झूम उठे मानो आई-
दिवाली की त्यौहार-
कोयल कूक उठी जहूंर-
बौर फूल से लदी डालियाँ...
Posted on: Apr 07, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चूरी काजर फुंदरा दाई के गवां गये लुगरा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चूरी काजर फुंदरा दाई के गवां गये लुगरा-
आनी बानी के तरीका तेल्डिंग के साड़ी आगे-
ओदी मोड़ी लुगरा-
हांथ मा घड़ी मूड मा मूड सीखरी-
बिन टे झिन सुरता-
मटक मटक के रेंगे भौजी-
जईथे अलटा पलटा...
Posted on: Apr 06, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
लाल भाजी मुनगा आलू बारी नून गा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
लाल भाजी मुनगा आलू बारी नून गा-
सेमी भाटा पत्ता पेज भाजी पखा-
बटकी ताकत मांगे का-
नाइ आय मांगे कोनो साग-
कहां कोनो जन जात-
छत्तीसगढ़िया ओडिया के ये है खाना...
