चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...कविता-
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं-
चाह नहीं प्रेमी माला के बिंद प्यारी को ललचाऊ-
चाह नहीं सम्राटो के हे हरी डाला जाऊं-
चाह नहीं देवों के सिर पर चढू भाग्य पर इठलाऊं-
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...(AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
माया जो होती त लानती बलौती...गीत-
दोंदर कॉलोनी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रानी देवी एक सावन गीत सुना रही हैं:
निबिया का पेड़ा रानी-
चना चौतरवा पै केकर बेटी-
सामन मा ससुरवा हरे श्याम लिया-
माया जो होती त लानती बलौती-
पै पापा के कठिन करेजवा हरे शाम लिया-
भईया जो होते तो लनती बलौती-
पै काकी के कठिन करेजवा हरे शाम लिया... (AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: MP RANI DEVI REWA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गूलर का औषधीय उपयोग...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल गूलर का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, गुर्दा रोग या भगंदर रोग में गुलर के दूध को रुई में भिगोकर उस स्थान पर लगाने से आराम हो सकता है, दूसरा गूलर के दूध को 10 – 20 बूंद जल में मिलाकर पीने से बबासीर और रक्त विकार में आराम मिल सकता है संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : छाछ या मठा का औषधीय उपयोग...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गंधी मठा या छाछ का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, इसका सेवन करने से शरीर के अंदर के घातक पदार्थ मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं, छाछ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, छाछ का नियमित सेवन करने से शरीर बलवान होता है, बिना कुछ खाये लगातार 3 दिन तक छाछ का सेवन करने से शरीर का पंचकर्म हो जाता है, पेट साफ करने के लिये छाछ का सेवन करना चहिये संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7879751110. (AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
बार बार आती है मुझको, मधुर याद बचपन तेरी...कविता-
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
बार बार आती है मुझको-
मधुर याद बचपन तेरी-
गया ले गया तू जीवन की-
सबसे मस्त खुशी मेरी-
चिंता रहती खेलना कूदना... (AR)
