स्वास्थ्य स्वर : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का घरेलू उपचार-

ग्राम-रनई , थाना-पटना , जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का घरेलू उपचार बता रहे हैं , लौंग 5 नग, काली मिर्च 5 दाना , एक चम्मच अजवाइन , एक चम्मच सौंफ, आधा चम्मच तुलसी का रस, एक चुटकी दाल चीनी , पांच छोटी इलाइची , एक चम्मच अर्जुन की छाल का चूर्ण , पांच दाना सफेद मिर्च , एक चम्मच गिलोय पाउडर इन सभी को 400 ग्राम पानी में रात को भिगो के रख दे सुबेरे उठकर इसे उबाल लें जब 200 ग्राम पानी बचे तो इसे 100 ग्राम काढ़ा में शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से लाभ मिलता है इसे लगातार दो तीन हप्ते तक करें | संपर्क नंबर @9826040015 . (AR)

Posted on: Jun 18, 2021. Tags: CG HELTH KEDARNATH PATEL KORIA

हम सब भारतवासी मिलकर बोलें...गीत-

ग्राम-राजापुर , पोस्ट-लडवारी , जिला-नेवाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
हम सब भारतवासी मिलकर बोलें-
कोरोना कोरोना डोलें-
आओ सब बोलें हम सब एक है भारतवासी-
अरे लक्ष्य को हमने अपना बनाया-
अरे वायरस को देश से दूर भगाऊंगा...(AR)

Posted on: Jun 18, 2021. Tags: MANOJ KUSWAHA MP NIWARI SONG

भगवन की मूरत ऐसी चंदा सूरज जैसी...भक्ति गीत-

ग्राम-राजापुर , जिला-नेवाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुसवाहा एक गीत सुना रहे है ” | जिसका बोल है ” | भगवन की मूरत ऐसी चंदा सूरज जैसी चक्र गदा लिये हैं भार ” | अपने गीत कहानी रिकार्ड करने के लिये दिये नंबर 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं | (AR)

Posted on: Jun 17, 2021. Tags: CG MANOJ KUSWAHA RAIGARH SONG

लाज बचाओ कृष्ण मुरारी...भजन-

ग्राम-तमनार , जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) राजेंद्र गुप्ता एक भजन सुना रहे हैं ” |जिसका बोल है | लाज बचाओ कृष्ण मुरारी तुम बिन और न दूजा कोई ” | अपने गीत संगीत कहानी कविता रिकार्ड करने के लिये दिये नंबर 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं | (AR)

Posted on: Jun 17, 2021. Tags: BHAJAN SONG CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA

हम सुधर जायेंगे तो...कविता-

ग्राम-तमनार , जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे है :
न कौओ की काओं काओं-
न कोयल की कुकने की आवाज-
निर्जन सी लगती है सारा गाँव शहर-
बन उपवन में बसंत बहार नही-
पतझड़ आने से पहले चमन उजड़ गया...(AR)

Posted on: Jun 17, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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