स्वास्थ्य स्वर : बालो से संबंधित समस्या से बचने का घरेलू नुस्खा-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय बालो से संबंधित समस्या जैसे बालों के झड़ने, रुसी होने और बाल सफेद होने आदि से बचने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| आंवले के पाउडर को रात में पानी में भिगोकर रखना है, और सुबह नहाने से पहनले बालो में लगाना है| इसे बालों के टूटने और बालो में रुसी होने की समस्या में लाभ मिल सकता है, और बाल काले होते हैं| अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेंद्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले-
आये रानी तै पानी भरे ओ-
आगू बढ़ेला तोर बाप ला डरे ओ-
दुनिया के मोला नहीये फिकर ओ-
दगा झन देबे मोला-मोला-
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले...
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: CG HEMSINGH MARKAM KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
मान मेरा कहना नहीं तू पछतायेगा...कविता-
ग्राम-सिंघपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
मान मेरा कहना नहीं तू पछतायेगा-
मिट्टी का खिलौना है, मिट्टी में मिल जायेगा-
मात पिता तेरे खुद मै कभी न-
विपदा परे-परे कोई न किसी का-
एक दिन हंसा अकेला उड़ जायेगा-
मिट्टी का खिलौना तो मिट्टी में मिल जायेगा...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG HEMSINGH MARKAM KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
धरती पर रहने का सबको हक है...कविता-
ग्राम-देवरी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
धरती पर रहने का सबको हक है-
सबसे बेहतर हो पंचायती की सरकार-
बच्चे महिलायें पायें इसमे अधिकार-
बेटी बेटा पढ़ते रहें, समय-समय पर आगे बढ़े-
गली तो हमारा हो ऐसा, जितना कम उतना पैसा...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जोड़, घटाव, गुणा मै खोजू, अथवा खोजू शेष में...कविता-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
जोड़, घटाव, गुणा मै खोजू, अथवा खोजू शेष में-
सत्य अहिंसा खोज रहा हूँ, गांधी जी के देश में-
मेरे प्यारे देश बता दे गांधी जी का देश कहां-
तुम्ही बताओ क्या करना है आज के इस परिवेश में-
जहां भूखे नंगे रहते हों, क्या गांधी जी का देश यही-
घोटालो का चोंच मरता क्या गांधी जी का देश यही...
