शिव शंकर भगवंतीन बातय मन ते वावो...गोंडी भजन गीत-
ग्राम+पंचायत-बाग़मुंडी पनेडा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से मुन्नी कवासी एक गोंडी भजन गीत सुना रही है:
शिव शंकर भगवंतीन बातय मन ते वावो-
लोक दुआ वरसी अददे कैलाश मेठा ते मंदानूर-
कुड़ता गिसली विड्सी अददे ढूवल तोल्का उड़सानुड-
शिव शंकर भगवंतीन बातय मन ते वावो...
Posted on: Aug 22, 2020. Tags: GONDI SONG
हमारे पारे में रोड की बहुत समस्या है, आने जाने में दिक्कत होती है, कृपया मदद करें...
ग्राम-कुकडीपानी, पंचायत-चिडपाल, ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से राजू राणा के साथ गाँव के साथी गंगाराम मरकाम बता रहे है कि उनके गाँव में संतुराम मरकाम के घर से लेकर गंगाराम के पुलिया भेडा तक रोड की बहुत समस्या है बहुत कीचड़ होता है | उसके कारण आने जाने में बहुत समस्या होती है | संतुराम मरकाम बता रहे है कि गुडीपानी से कुकडीपानी ये दोनों पारा में रोड की समस्या है उसके लिए उन्होंने गाँव के सरपंच के पास दो साल पहले प्रस्ताव दिए थे तो पास भी हुआ था लेकिन वहां का रोड कहीं दूसरी जगह दे दिया गया | उनका कहना है कि रोड बन जाता तो लोगो को आने जाने में सुविधा होता | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि सम्बंधित नम्बरों में बात करके रोड बनवाने में मदद करें : सरपंच@9752524081, CEO@7835814506, संपर्क नम्बर@9407664502. (173651)
Posted on: Aug 22, 2020. Tags: ROAD SONG VICTIMS REGISTER
कर्म का बिगड़ गई राजधानी...गोंडी गीत-
ग्राम-देवगढ, पोस्ट-लोहांगी, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिंदवाडा (मध्यप्रदेश) से संजू परतेती के साथ सूर्यकांत परतेती जो एक गोंडी गीत सुना रहें है:
कर्म का बिगड़ गई राजधानी-
सुन ले रे कोया ये कथा गोंडवानी-
गोंडी धर्म और रीति भाषा भूल गये कोया भाई-
मंद में बेहोश हो गयो मदिरा में भरमाई... JP
Posted on: Aug 22, 2020. Tags: GONDI SONG
बैठ जाती हूँ मिट्टी पे अक्सर...कविता-
पोस्ट-वीरेंद्र नगर ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर छत्तीसगढ़ से रामधनी पोर्ते कविता सुना रहें है:
बैठ जाती हूँ मिट्टी पे अक्सर-
क्योकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है-
मैंने समुदर से सिखा है जीने का तरीका-
चुपचाप से पहना और अपनी मौज में रहना-
चाहती तो हूँ के ये दुनिया बदल दूँ-
पर दो वक्त के रोटी के जुगाड़ में-
फुर्सत नहीं मिलती दोस्तों-
मंहगी से मंहगी घड़ी पहनकर देख ली-
वक्त फिर भी अपनी हिसाब से कभी नहीं चला-
यूं हि हम दिल को साफ रखा करते थे-
पता नहीं किस्मत चेहरों के होती है-
अगर बुरा नहीं है तो उसकी फ़िक्र क्यों-
अगर खुदा है तो फिक्र क्यों...
Posted on: Aug 22, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो...भजन-
जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से पप्पू दहिया गणेश उत्सव के अवसर पर भजन सुना रहे हैं:
घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो-
रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा मेरे घर में पधारो-
घर में पधारो गजाननजी मेरे घर में पधारो-
राम जी आना लक्ष्मण जी आना-
संग में लाना सीता मैया मेरे घर में पधारो-
घर में पधारो गजाननजी मेरे घर में पधारो... (AR)
