चाहे जितना चाहे भी वो पहली परी फुवार है...कविता-
ग्राम-पाडी, पोस्ट-जामो, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार द्विवेदी एक कविता
सुना रहे हैं:
चाहे जितना चाहे भी वो पहली परी फुवार है-
बड़े दूर से थके-थके ये प्यारे बदल आये हैं-
झूम उठेगी सारी दुनिया इतनी मस्ती लाये हैं-
कभी नगाड़े है बजती, कभी चमकती है बिजली...
Posted on: Jan 10, 2022. Tags: POEM REWA MP SHIV KUMAR
हे मूर्ख इंसान क्यूँ करता है अभिमान...कविता
सीजीनेट के साथियों को एक कविता सुना रहे हैं:
हे मूर्ख इंसान क्यूँ करता है अभिमान-
मत काटो जंगल पेड़ों में भी है जान-
हे मूर्ख इंसान क्यूँ करता है अभिमान-
मत काटो जंगल पेड़ों में भी है जान...
Posted on: Jan 07, 2022. Tags: CUT POEM DONT TREE
हमारा देश...कविता-
पूर्णिया, बिहार से खागेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं, “हमारा देश” |
अपने गीत संदेश को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|
Posted on: Dec 21, 2021. Tags: BIHAR KHAGESH KUMAR POEM PURNIYA
डरा सहमा सा बैठा है एक नन्हा सा पक्षी...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
डरा सहमा सा बैठा है एक नन्हा सा पक्षी-
अपने पंखो को दबाये अपने घोसले में-
माँ उसकी आकार की कहती है उड़ने की कला-
पर वह डरा डरा सा विश्वाश नही है पंखो पर-
देती है माँ होसला उसे की कोशिश तो कर-
फिर वह नन्हा पक्षी बढ़ाता है एक कदम फिर डर जाता है...
Posted on: Dec 19, 2021. Tags: BARWANI MP POEM SURESH KUMAR
सारी दुनिया को दी दुविदा दो हजार बीस तुझको हल विदा....कविता-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता बता रहे है|
सारी दुनिया को दी दुविदा दो हजार बीस तुझको हल विदा-
दुनिया की रफतार कमी रो रहा है आसमान रो रही जमी-
कितनो की जीवन की भुन्झ गयी असमय ही सम में-
बड़े ही पीछे रही लम्हे बड़े ही पीछे रही लम्हे-
हत्याए हुई आत्महत्याए हुई दुरी मजबूरी हुई-
छीन गई हर सुविधा दो हजार बीस तुझको अलविदा-
दो हजार बीस तुझको अलविदा ...
